ईरान में अमेरिकी पायलटों को जिंदा पकड़ने पर इनाम; दावा- US के F-35 और F-15 फाइटर जेट मार गिराए, ट्रंप बोले- हम युद्ध में हैं
Iran claims to destroy US F-35 and F-15 fighter jet latest update
Iran-US War: दुनिया में अपनेआप को सबसे ताकतवर कहने वाला अमेरिका अब ईरान के साथ युद्ध में नुकसान उठा रहा है। ईरान को कमतर आंकना अमेरिका के लिए भारी पड़ गया है। खबर आई है कि ईरान ने US के 2 फाइटर जेट मार गिराए हैं। अमेरिका के ये दोनों विमान F-35 और F-15 हैं। ये दोनों विमान ईरान के अंदर ही गिरे। इसके अलावा ईरान की ओर से यह भी दावा किया जा रहा है कि विमानों के गिरने के बाद अपने पायलटों को खोजने ईरान में घुसे 2 अमेरिकी हेलीकॉप्टरों को भी निशाना बनाया गया है।
हालांकि अभी इसकी पुष्टि अमेरिका की तरफ से नहीं की गई है। इसके अलावा खबर यह भी है कि ईरान ने एक F-15 फाइटर जेट के पायलट को बंधक बनाने का भी दावा किया है। लेकिन कहा यह भी जा रहा है कि अपने एक पायलट को अमेरिका ने बचा लिया है। हालांकि, अभी तक इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर यह सच है तो कि ईरान ने अमेरिका के एक पायलट को बंधक बनाया है तो यह अमेरिकी वायुसेना के लिए बहुत बड़ा झटका माना जाएगा। इधर दूसरी तरफ ईरान में लापता अमेरिकी पायलटों को जिंदा पकड़ने पर इनाम की घोषणा की जा रही है।
बताया जा रहा है कि दक्षिण ईरान में गिरे अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15 में सवार पायलट का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है, पायलट के साथ के अमेरिकी Weapons Officer का भी पता नहीं है। जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है। इस बीच ईरान के सरकारी टीवी पर घोषणा हो रही है कि जो भी व्यक्ति लापता अमेरिकी पायलट को ज़िंदा सरकार को सौंपेगा उसे बड़ा ईनाम दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद स्थानीय लोग पायलट खोजने दौड़ पड़े हैं.
ट्रंप बोले- हम युद्ध में हैं
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में खोये अमेरिकी पायलट को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी आया है, जिसमें उन्होंन कहा है कि वह अभी यह बताने को तैयार नहीं हैं कि अगर ईरान में लापता पायलट को नुकसान पहुंचता है तो अमेरिका क्या करेगा? मसलन अगर अमेरिकी विमानों को इस तरह से नुकसान पहुंचा है तो अमेरिका-ईरान युद्ध में गुजरे 24 घंटे राष्ट्रपति ट्रंप के लिए सबसे बुरी खबरों वाले रहे। वहीं ट्रंप का कहना है कि हम युद्ध में हैं और हमें यह समझना होगा।
जंग थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे
फिलहाल मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच 'ईरान और अमेरिका-इजरायल' जंग के अभी इतनी जल्दी थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। एक तरफ जहां ईरान को झुकाने के लिए 'अमेरिका-इजरायल' की तरफ से हमले तेज हो रखे हैं तो वहीं ईरान ने भी अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाने के लिए अपने हमले तेज कर दिए हैं। ईरान इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है। इसके साथ ही वह अन्य ढांचों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को भी निशाना बना रहा है।
माना जा रहा है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी इसलिए कर रहा है ताकि दुनिया में आर्थिक दबाव बढ़े और अमेरिका-इजराइल अपने हमले रोकने के लिए मजबूर हो जाएं। बता दें कि जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमत में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। साथ ही गैस आपूर्ती भी प्रभावित हो रही है। कुलमिलाकर वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का संकट गहरा रहा है। जिससे भारत भी अछूता नहीं है। भारत में भी तेल-गैस आपूर्ती को मिडिल ईस्ट जंग ने प्रभावित किया है।
जंग में अब तक 2500 से ज्यादा लोगों की मौत
28 फरवरी से जारी ईरान और 'अमेरिका-इजरायल' जंग में अब तक 2500 से ज्यादा लोगों (आम लोग और सैनिक) की मौत हो चुकी है और करीब 7000 से अधिक लोग घायल हैं। ईरान में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। वहीं ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई के साथ-साथ कई ईरानी शीर्ष कमांडर और नेता भी मारे गए हैं। साथ ही इस संघर्ष में ईरान में बड़ी संख्या में घर और बुनियादी सार्वजनिक ढांचे भी नष्ट हुए हैं।
इधर ईरान के साथ युद्ध शुरू करने पर अमेरिका जो सोच रहा था वैसा हुआ नहीं। ईरान को कमतर आंकना अमेरिका की चूक रही। अब हालत यह है कि अगर अमेरिका इजरायल के साथ मिलकर ईरान में तबाही मचा रहा है तो ईरान के जवाबी हमलों में अमेरिका भी काफी कुछ खो रहा है। इस जंग में अमेरिका के भी 13 सैनिक अब तक मारे जा चुके हैं, जबकि लगभग 200 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हैं, जिनमें से कई गंभीर हैं। वहीं इरानी हमलों में इजरायल के अलावा यूएई, बहरीन, क़तर, कुवैत जैसे खाड़ी देशों का भी व्यापक नुकसान हुआ है.